चित्रकूट का हृदय
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित राम घाट सबसे जीवंत और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण घाट है। माना जाता है कि भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने 14 वर्ष के वनवास के दौरान यहाँ पवित्र स्नान किया था।
राम घाट पर सांध्य आरती
जैसे ही चित्रकूट में सूर्यास्त होता है, राम घाट भक्ति के एक लुभावने दृश्य में बदल जाता है। पुरोहित पवित्र मंत्रों का जाप करते हैं, पानी में घंटियों की गूंज उठती है, और सैकड़ों दीये मंदाकिनी नदी की शांत लहरों पर तैरते हैं। यह एक ऐसा गहरा अनुभव है जो आत्मा को शुद्ध करता है और हर तीर्थयात्री पर एक अमिट छाप छोड़ता है।
राम घाट जाने का सबसे अच्छा समय
सांध्य आरती आमतौर पर सूर्यास्त के आसपास (शाम 6:00–7:00 बजे) शुरू होती है। यह घाट भोर के समय भी सुबह की प्रार्थना और मंदाकिनी नदी में पवित्र डुबकी के लिए बहुत सुंदर लगता है.
राम घाट के पास ठहरने की जगह — होटल यात्रीका
दिव्य आरती का अनुभव करने के बाद, केवल 10-15 मिनट की ड्राइव आपको जानकी कुंड के पास चित्रकूट के प्रमुख लक्जरी होटल, होटल यात्रीका के परम आराम तक ले आती है। हमारी 24/7 सेवा यह सुनिश्चित करती है कि आपकी आध्यात्मिक यात्रा के बाद आपको गर्म भोजन और एक आरामदायक रात मिले।