Back to Guidesतीर्थयात्रा

कामदगिरि परिक्रमा की संपूर्ण जानकारी

Sep 02, 2025

चित्रकूट का पवित्र हृदय

कामदगिरि पर्वत उत्तर प्रदेश के पूरे चित्रकूट में सबसे पूजनीय स्थल है। इस पवित्र पर्वत को ही मूल चित्रकूट माना जाता है जहाँ भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने वनवास के दौरान निवास किया था। यह पर्वत इतना पवित्र माना जाता है कि एक परिक्रमा भी भक्त को मोक्ष प्रदान कर सकती है।

5 किमी लंबा कामदगिरि परिक्रमा मार्ग

पक्का परिक्रमा पथ पूरे पर्वत को घेरता है और लगभग 5 किलोमीटर लंबा है। पथ को बहुत अच्छी तरह से बनाए रखा गया है और इसके किनारे प्राचीन मंदिर, फूल बेचने वाले और छायादार पेड़ हैं। अधिकांश तीर्थयात्री 1.5 से 2 घंटे में आराम से परिक्रमा पूरी कर लेते हैं।

परिक्रमा मार्ग पर प्रमुख मंदिर

कामदगिरि परिक्रमा के दौरान, आप भरत मिलाप मंदिर (भगवान राम और भरत के भावुक पुनर्मिलन का प्रतीक), कनक भवन मंदिर, रामायण दर्शन प्रदर्शनियों और सीता, राम और लक्ष्मण को समर्पित दर्जनों छोटे मंदिरों से गुजरेंगे।

कामदगिरि परिक्रमा का सबसे अच्छा समय

सुबह का समय (5:00–8:00 बजे) आदर्श है — हवा ताजी होती है, भीड़ कम होती है, और आध्यात्मिक ऊर्जा अपने चरम पर होती है। शाम 4:00 से 6:00 बजे का समय भी परिक्रमा के लिए बहुत लोकप्रिय है।

कामदगिरि के पास कहाँ ठहरें — होटल यात्रीका

अपनी कठोर और आध्यात्मिक रूप से ऊर्जावान परिक्रमा पूरी करने के बाद, जानकी कुंड के पास चित्रकूट के प्रमुख होटल, होटल यात्रीका के परम आराम में लौटें। हमारे कमरे, रूम सर्विस और आतिथ्य आपकी पवित्र यात्रा के बाद एक आदर्श विश्राम है।

क्या आप चित्रकूट की आध्यात्मिक यात्रा के लिए तैयार हैं?

होटल यात्रीका में परम आराम का अनुभव करें — जो राम घाट और कामदगिरि परिक्रमा के पास आदर्श रूप से स्थित है।

अपना कमरा बुक करें

चित्रकूट के बारे में और जानें

संबंधित यात्रा गाइड

राम घाट का पवित्र जल

चित्रकूट के सबसे पवित्र घाट पर मंदाकिनी नदी के तट पर मनमोहक सांध्य आरती के साक्षी बनें।

भरत मिलाप मंदिर के दर्शन

उस पवित्र स्थान की यात्रा करें जहाँ भगवान राम और उनके समर्पित भाई भरत का चित्रकूट में भावुक पुनर्मिलन हुआ था।

स्फटिक शिला की सुंदरता

मंदाकिनी नदी के तट पर एक सुरम्य स्फटिक शिला (क्रिस्टल रॉक), जिस पर भगवान राम और देवी सीता के पैरों के निशान हैं।

Call NowBook Stay